हर घर तिरंगा
‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तत्वावधान में आरंभ किए गए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का देशभर में देशभक्ति और उत्साह के साथ आयोजन किया जा रहा है।
लोगों की सेवा करना, भरोसा जीतना और सुरक्षा व संरक्षा सुनिश्चित करना—दिल्ली पुलिस पारदर्शी, निष्पक्ष और पेशेवर पुलिसिंग के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें नागरिकों को जन-सेवा के केंद्र में रखा जाता है। ईमानदारी, सुलभता, तत्परता और जवाबदेही पुलिस सेवा की मुख्य विशेषताएं हैं।
दिल्ली के इतिहास में कोतवाल की प्रसिद्ध प्रथा के माध्यम से नगर रक्षा लंबे समय से प्रचलित है। मालिकुल उमरा फकरुद्दीन को दिल्ली का सबसे पहला कोतवाल माना जाता है। वह ईस्वी 1237 में 40 साल की आयु में कोतवाल बना था और साथ ही उसे नैबे-घिबत (सुल्तान की अनुपस्थिति में राज्य-संरक्षक) के पद पर भी नियुक्त किया गया था। अपनी ईमानदारी और बुद्धिमत्ता के कारण वह बहुत लंबी अवधि तक जहाँ तीन सुल्तान बलबन, कैकोबाद और कैखुसरू के शासन में इस पद पर कार्यरत था। एकबार जब तुर्किश उमरावों ने अपनी संपदाओं को जब्त करने के बलबन के आदेश की वापसी को सुरक्षित करने हेतु उसका संपर्क किया था, तब कोतवाल ने कहा था, "यदि मैं आपसे कोई रिश्वत लूँगा तो मेरी बात का कोई प्रभाव नहीं रहेगा।" ऐसा माना जाता है कि कोतवाल, अथवा पुलिस के मुख्यालय तब किला राय पिथोरा अर्थात आज के मेहरौली में स्थित था।
‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तत्वावधान में आरंभ किए गए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का देशभर में देशभक्ति और उत्साह के साथ आयोजन किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस द्वारा आज किंग्सवे कैंप, न्यू पुलिस लाइन्स स्थित परेड ग्राउंड में कमिश्नरेट दिवस परेड का आयोजन किया गया ।
श्री अनुराग कुमार, भा.पु.से. , AGMUT 1994, ने आज दिनांक 17 जुलाई, 2026 को पुलिस मुख्यालय में दिल्ली पुलिस आयुक्त का पदभार ग्रहण किया।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज दिल्ली पुलिस मुख्यालय के प्रांगन में एक योग सत्र का आयोजन किया गया।
दिल्ली पुलिस राजपत्र में आधिकारिक अधिसूचनाएँ, आदेश और नवीनतम अपडेट प्रकाशित किए जाते हैं।
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